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! रामनवमी पर्व की हार्दिक शुभकामनायें ! |
नन्हें से राम लल्ला खेलें दशरथ के अंगना !
मैय्या कौशल्या उर आनंद लहरे उमड़े ,
पैय्या चले तो पकड़ने को वे दौड़े ,
लेती बलैय्या आँचल में हैं छिपती ललना !
नन्हें से राम लल्ला खेलें दशरथ के अंगना !
चारों भैय्या मिलकर माखन चुराते हैं ,
बड़े हैं भाई राम सबको खिलाते हैं ,
माटी के बर्तन फोड़ें आये पकड़ में ना !
नन्हें से राम लल्ला खेलें दशरथ के अंगना !
राम के मुख की शोभा बरनि न जाये है ,
सुन्दरता देख उन्हें खुद पर लजाये है ,
शोभा की खान राम किसी से क्या तुलना !
नन्हें से राम लल्ला खेलें दशरथ के अंगना !
शिखा कौशिक 'नूतन '
1 टिप्पणी:
बहुत बहुत सुंदर.... रामनवमी की शुभकामनायें
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