

पल भर न करते तनिक विश्राम ,
तत्पर प्रभु सेवा को हनुमान ,
रहे अधरों पे हनुमत के राम जी का नाम !!
अर्णव पर किया क्षण भर में सीता माँ को खोजा ,
राम मुद्रिका संग प्रभु का दिया उन्हें संदेसा ,
राम भक्त होने का पाया माता से वरदान !
रहे अधरों पे हनुमत के राम जी का नाम !!


नागपाश में बधें प्रभु लखन लाल के संग ,
भयाक्रांत हुई वानर सेना उत्साह हुआ था भंग ,
पक्षीराज को लाकर टाला संकट एक महान !
रहे अधरों पे हनुमत के राम जी का नाम !!


लक्ष्मण जी के शक्ति मारी मेघनाथ छली था भारी ,
ला संजीवनी प्राण बचाए हनुमत संकट हारी ,
अंजनी पुत्र की महिमा का त्रिलोकों में गुणगान !
रहे अधरों पे हनुमत के राम जी का नाम !!
शिखा कौशिक 'नूतन '
1 टिप्पणी:
sundar aadhyatmik prastuti .
badhai जो बोया वही काट रहे आडवानी
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